Tuesday, April 18, 2017

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गुंजन अग्रवाल (अनहद गुंजन )

युगों- युगों तक जग में इसकी सदा निराली शान रहे।
मैं रहूँ यहाँ या नही रहूँ ,पर कायम हिंदुस्तान रहे।

बच्चा -बच्चा राम कृष्ण हो बाला सीता राधा हो।
राहें सुगम सभी की हों पथ नही किसी के बाधा हो।
आँसू नही दिखे आँखों में अधर खिली मुस्कान रहे।
में रहूँ रहूँ या नही रहूँ..........................1

हिमगिरि ताज नाज- सा सिर पर गंध केसरी घाटी हो।
बलिदानों को तत्पर रहती राणा की परिपाटी हो।
कण -कण जिसका चन्दन जैसा गर्वित हिंदुस्तान रहे।
मैं रहूँ यहाँ या नही रहूँ..........................2

भेद नही हो दिल में कोई अधर प्रेम की बोली हो।
गले ईद के मिलती अपनी रंगीली -सी होली हो।
अनहद गुंजन गूँज मन्त्र ध्वनि घुलती कान अजान रहे।

मैं रहूँ रहूँ या नही रहूँ...........................3

19 comments:

  1. गुंजन अग्रवाल (अनहद गुंजन )जी बहुत ओज पूर्ण रचना है आप की !

    भेद नही हो दिल में कोई अधर प्रेम की बोली हो।
    गले ईद के मिलती अपनी रंगीली -सी होली हो।
    अनहद गुंजन गूँज मन्त्र ध्वनि घुलती कान अजान रहे।
    अति सुन्दर !
    आपकी इस रचना को सादर नमन !!

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    1. रचना पर सार्थक, सारगर्भित टिप्पणी कर प्रोत्साहन देने हेतु तहेदिल से आभार आपका ज्योत्स्ना जी ..☺☺

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  2. राष्ट्रीय प्रेम से ओतप्रोत समभाव प्रकट करती
    ओजस्वी रचना के लिए बधाई !!

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    1. कोटि कोटि सादर आभार आदरणीया रेखा जी..☺

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  3. सुन्दर भावों से भरा बहुत सुन्दर गीत ,हार्दिक बधाई !

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  4. कोटि कोटि सादर आभार आदरणीया ज्योति जी .☺

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  5. सहज साहित्य में मेरी रचना को स्थान देने के लिए आदरणीय कम्बोज भैया की तहे दिल से आभारी हूँ ....स्नेह बनाये राखियेग ..../\....!! ☺☺

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  6. गुंजन जी अति सुंदर ओजपूर्ण बहुत शानदार गीत...जय हिंद

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  7. कोटि कोटि सादर आभार आदरणीया ज्योति जी .☺

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  9. ओजपूर्ण और देशभक्ति पूर्ण रचना के लिए हार्दिक बधाई गुंजन जी

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  10. ओजपूर्ण और देशभक्ति पूर्ण रचना के लिए हार्दिक बधाई गुंजन जी

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  11. बहुत भावप्रवण रचना है...हार्दिक बधाई...|

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  12. गुंजन जी का गीत हर कोने कोने को गुंजित कर गया..बधाई

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  13. देश भक्ति के भावों से भरा यह गीत बहुत सुंदर है हार्दिक बधाई गुंजन जी

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  14. देशभक्ति की उम्दा अभिव्यक्ति | गुंजन जी हार्दिक बधाई

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  15. बहुत शानदार रचना गुंजन जी हार्दिक बधाई।

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